कावेरी के पानी से जुड़े विवाद को लेकर तंजावुर में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के नेता और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की एक टिप्पणी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के मौन की आलोचना करते समय उदयनिधि द्वारा की गई टिप्पणी को व्यापक रूप से अभिनेत्री तृषा के खिलाफ एक अमर्यादित और भद्दी टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में कड़ी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जिसके तुरंत बाद पुलिस ने उदयनिधि को तंजावुर में हिरासत में ले लिया। मामले पर अपनी सफाई देते हुए उदयनिधि ने कहा कि जनता को खुद तय करना चाहिए कि उन्होंने क्या गलत कहा। उनका तर्क था कि उन्होंने मुख्यमंत्री के अलावा किसी अन्य व्यक्ति का नाम नहीं लिया। हालांकि आलोचकों और प्रमुख हस्तियों का मानना है कि उनकी यह टिप्पणी डबल मीनिंग वाली थी और इसका उद्देश्य अभिनेत्री को निशाना बनाना था।
चिन्मयी श्रीपदा की तीखी प्रतिक्रिया
प्रसिद्ध गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत और कड़ा संदेश साझा करते हुए नेताओं की इस मानसिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीति में सक्रिय पुरुषों को जनहित के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि उन महिलाओं को घसीटना चाहिए जिनका राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से कोई लेना-देना नहीं है। चिन्मयी ने स्वीकार किया कि शुरुआत में वे इस बयान के छिपे हुए अर्थ को नहीं समझ पाई थीं और उन्हें लगा था कि यह पानी के कनेक्शन से जुड़ा कोई बयान है। बाद में जब उन्हें इसका वास्तविक संदर्भ समझाया गया, तो उन्हें बेहद निराशा हुई। उन्होंने उदयनिधि पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भीड़ हुड़दंग मचा रही थी, तब एक जिम्मेदार नेता के नाते उन्हें अपनी जनता को शांत रहने और मर्यादा बनाए रखने की सीख देनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय उन्होंने स्थिति को और बिगाड़ दिया। पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के साथ अतीत में हुए दुर्व्यवहार का उल्लेख करते हुए चिन्मयी ने कहा कि नई पीढ़ी के नेताओं से बेहतर आचरण की उम्मीद थी, लेकिन यह घटना बेहद निराशाजनक है।
खुशबू सुंदर की मांग
भारतीय जनता पार्टी की नेता और अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने भी उदयनिधि के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने इस भाषण को बेहद घटिया, ओछा और अमर्यादित करार देते हुए कहा कि यह उस राजनीतिक संस्कृति को दर्शाता है जिसे वे बढ़ावा दे रहे हैं। खुशबू ने चेतावनी दी कि राजनीतिक मतभेदों के नाम पर महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। यदि सार्वजनिक जीवन में इस तरह की भाषा को सामान्य मान लिया गया, तो भविष्य में कोई भी परिवार सुरक्षित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक बहस की एक सीमा होनी चाहिए और महिलाओं को किसी के राजनीतिक खेल का मोहरा नहीं बनाया जाना चाहिए। खुशबू सुंदर ने जोर देकर मांग की कि उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री तृषा का सार्वजनिक मंच पर अपमान करने के लिए बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई और कानूनी कार्रवाई
इस पूरे विवाद की शुरुआत तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक प्रदर्शन से हुई। भाषण के दौरान जब उदयनिधि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पर निशाना साध रहे थे, तभी भीड़ में से कुछ लोगों ने अभिनेत्री 'तृषा' के नाम के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उदयनिधि ने एक अमर्यादित टिप्पणी की और बाद में मुस्कुराते हुए कहा कि वे कावेरी नदी का जिक्र कर रहे थे। हालांकि इसे मुख्यमंत्री और अभिनेत्री के बीच सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से जोड़कर देखे जाने के कारण लोगों ने इसे दोहरे अर्थ वाली भद्दी टिप्पणी माना। इस घटना के बाद मामला काफी बढ़ गया और तमिलनाडु पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ FIR दर्ज की और उन्हें हिरासत में भी ले लिया है। इसमें महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और दंगा भड़काने के इरादे से उकसाने जैसी कई गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि राजनीतिक बहस के दौरान सार्वजनिक मंचों पर भाषा की मर्यादा का पालन किस हद तक अनिवार्य होना चाहिए।
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